क्या हमें हर जगह खुदाई करनी चाहिए: दत्तात्रेय होसबाले
नई दिल्ली। मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने के दावे लंबे समय से होते रहे हैं। इस तरह के दावे संभल, अजमेर से लेकर कुतुब मीनार तक में मंदिर के दावे किए जा रहे हैं। कई हिंदूवादी संगठनों का कहना है कि देश में हजारों मंदिरों को ध्वस्त करके मस्जिदें बनाई गई हैं। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसवेक संघ के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबाले ने अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मस्जिदों और ऐसे अन्य ढांचों पर सवाल उठ रहे हैं, वह भी सही नहीं है। सवाल है क्या हमें हर जगह खुदाई करनी चाहिए। इतिहास को बदलने के लिए हम 30 हजार मस्जिदों की खुदाई तो नहीं कर सकते। क्या इससे समाज में वैमनस्य नहीं बढ़ेगा। क्या हमें एक समाज के तौर पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए या फिर इतिहास में ही उलझे रहना चाहिए। आखिर हम इतिहास कितना दूर तक जा सकते हैं।

हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश