भगवान शिव से सीखें आत्म नियंत्रण
भगवान शिव की जिंदगी के हर पहलू से कुछ न कुछ सीखा जा सकता है लेकिन यहां हम कुछ उनसे जुड़ी कुछ ऐसी बातों का जिक्र कर रहे हैं। जिन्हें, कोई व्यक्ति अपनी जिंदगी में आत्मसात करते है तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है।रखें आत्म नियंत्रण : भगवान शिव शांत भी रहते हैं और विनाशकारी भी, लेकिन वह अपने ऊपर पूरा आत्मनियंत्रण रखते हैं। यदि कोई मनुष्य उनकी इस बात को आत्मसात करे तो जीवन में काफी आगे तक जा सकता है।
शांत रहें और अपना कार्य करते रहें : शिव को महायोगी कहा जाता है। वह घंटों और युगों तक ध्यान अवस्था में रहते हैं। और ध्यान में मानव कल्याण के लिए कार्य करते हैं। यदि कोई मनुष्य उनकी इसी सीख से शांत रहकर अपने कार्य को करते रहें तो सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है।
ध्यान रखें भौतिक सुख लंबे समय का साथी नहीं : शिव का स्वरूप भभूतधारी है। वह बाघ की खाल पहने हुए हैं। उनके हाथों में त्रिशूल है। वह भौतिक वस्तुओं से दूर रहते हैं। यदि कोई मनुष्य भौतिक जीवन की लालसा को त्याग कर अपने कर्म पर ध्यान दे तो वो न केवल सफल होगा बल्कि उसकी प्रशंसा चारो तरफ की जाती है।
नकारात्मकता से रहें दूर : भगवान शिव ने दुनिया बचाने के लिए समुद्र मंथन से निकले जहर को अपने कंठ में सुशोभित किया। इससे तमाम तरह की नकारात्मकता का अंत हुआ और दुनिया का सर्वनाश होने से बच गया। कहने का आशय यह है कि यदि हम भी अपने आस-पास मौजूद नकारात्मकता यानी बुराई का अंत करें तो सकारात्मक माहौल हमारे आस-पास हमेशा रहेगा।
इच्छाएं सीमित रखें : कहते हैं इच्छाओं का कभी अंत नहीं होता। यानी जो आपके पास है। उसमें ही हंसी-खुशी जिंदगी जीएं तो जीवन स्वर्ग की तरह हो जाएगा। भगवान शिव संन्यासियों की तरह जीवन जीते हैं। वह इच्छाओं से परे हैं। यदि कोई उनकी इन बातों को आत्मसात करे। तो सफलता उनके कदमों तले होगी।


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