जबलपुर: पीड़िता को धमकाने का आरोप, पुलिस से सुरक्षा की मांग
थाना परिसर में अपमानजनक व्यवहार का दावा: मुख्य आरोपी को 'विशेष सत्कार' और पीड़िता पर समझौते का दबाव
जबलपुर। घमापुर थाना क्षेत्र में शारीरिक शोषण की पीड़िता ने पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर और दुष्कर्म के मुख्य आरोपी ललित कुंदनानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा की मांग की है। पीड़िता का कहना है कि श्री ठाकुर अपने राजनैतिक रसूख का इस्तेमाल कर उसे शिकायत वापस लेने के लिए धमका रहे हैं। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए युवती ने निष्पक्ष जांच के लिए आवेदन सौंपा है। उक्ताशय के आरोप पत्रकारवार्ता के माध्यम से साईं पिल्लै ने लगाए हैं।
पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष पर धमकाने का आरोप
शिकायतकर्ता युवती ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि आरोपी ललित कुंदनानी के विरुद्ध मामला दर्ज कराने के बाद से ही पूर्व नगर अध्यक्ष श्री ठाकुर द्वारा उन पर दबाव बनाया जा रहा है। युवती के अनुसार 21/03/2026 को सुबह 10:00 से 10:30 बजे के बीच जीएस ठाकुर उनके निवास स्थान पर पहुंचे और शिकायत वापस न लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि राजनैतिक प्रभाव के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान का खतरा बना हुआ है और साक्ष्यों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
शारीरिक शोषण मामले में दर्ज हुई एफआईआर
प्रकरण की पृष्ठभूमि के अनुसार युवती ने 20/03/2026 को थाना घमापुर में ललित कुंदनानी के खिलाफ शारीरिक शोषण की लिखित शिकायत दी थी। इस शिकायत पर पुलिस ने 07/04/2026 को धारा 351(2) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया था। पीड़िता का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही विभिन्न व्यक्तियों को उनके घर भेजकर डराया-धमकाया जा रहा है। आरोपी पक्ष द्वारा लगातार यह दबाव बनाया जा रहा है कि यदि कानूनी कार्रवाई बंद नहीं की गई तो पीड़िता की हत्या करवा दी जाएगी।
थाना परिसर में अपमानजनक व्यवहार का दावा
युवती ने अपनी शिकायत में 07/04/2026 को थाना परिसर के भीतर हुई एक घटना का भी उल्लेख किया है। पीड़िता का आरोप है कि थाने में उनके साथ अत्यंत अपमानजनक और अशोभनीय व्यवहार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी ललित कुंदनानी को थाना प्रभारी के कक्ष में बैठाया गया था। युवती के अनुसार पुलिस की मौजूदगी में ही उन पर समझौते के लिए अनुचित दबाव डाला गया। पीड़िता ने दावा किया है कि यह संपूर्ण घटनाक्रम थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है, जिसकी जांच से सच्चाई सामने आ सकती है।
उच्च स्तरीय जांच और सुरक्षा की मांग
लगातार मिल रही धमकियों और प्रशासनिक असहयोग से त्रस्त होकर अब पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि आरोपी पक्ष अपने संपर्कों और प्रभाव का दुरुपयोग कर जांच को गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास कर रहा है। युवती ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, पीड़िता ने अपनी और अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु पुलिस अधीक्षक से कठोर वैधानिक कार्रवाई करने का निवेदन किया है।
पीड़िता को आत्महत्या के लिए होना पड़ा मजबूर
घटनाक्रम की शुरुआत 20 मार्च को हुई जब पीड़िता अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होते देख हताश होकर युवती तिलवारा पुल पर आत्महत्या करने पहुंच गई थी, जिसकी सूचना 108 पुलिस के माध्यम से घमापुर थाने को मिली थी। इसके अगले ही दिन 21 मार्च को सुबह 10 से 10.30 बजे के बीच जीएस ठाकुर अपने दो अन्य साथियों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे और उसे धमकाया। पीड़िता ने इस घटना की पुष्टि के लिए पुलिस से उस क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल टावर लोकेशन की जांच करने का आग्रह किया है।
कॉल रिकॉर्ड और रसूख के दुरुपयोग के आरोप
जांच के घेरे में जीएस ठाकुर द्वारा किए गए फोन कॉल्स भी हैं। आरोप है कि 22 मार्च को सुबह 11.03 बजे उन्होंने अपने मोबाइल से पीड़िता को फोन कर ऑफिस बुलाया और 24 सेकंड बात की, जिसके बाद दूसरा कॉल 11.42 बजे किया गया। पीड़िता का दावा है कि ये तमाम कॉल डिटेल और उनके ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज सच्चाई बयान कर सकते हैं। इसके अलावा जीएस ठाकुर पर पद का दुरुपयोग कर विवादित संपत्तियों के सौदे करने के भी आरोप लगे हैं, जिसमें रांझी तहसील के अंतर्गत मढ़ई स्थित जीएसबी ड्रीम नामक अवैध प्लॉट का जिक्र किया गया है। पीड़िता ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के रसूख के कारण ही 7 अप्रैल को सुबह से थाने में बैठने के बावजूद रात में एफआईआर दर्ज हो सकी थी।

डिजिटल सेवाओं में जबलपुर का जलवा, ई-गवर्नेंस में सबसे आगे
देश में मौसम के दोहरे मिजाज ने सबको चौंकाया
संजीव अरोड़ा पर ED की बड़ी रेड, पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज