काम हमारा, चर्चा उनकी! बयान से गरमाई सियासत: लाउडस्पीकर वे चला रहे
नई दिल्ली, लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस द्वारा आयोजित एक बैठक में देश भर से आए आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनके प्रमुख मुद्दों पर गहन चर्चा की। इस दौरान छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा समेत अन्य इलाकों से आए आदिवासी नेताओं ने कहा कि उनके जल, जंगल जमीन पर हमले हो रहे हैं और भाजपा शासित राज्यों में उनकी जमीनें छीनकर अडानी-अंबानी को दी जा रही हैं। एक आदिवासी नेता की शिकायत पर राहुल गांधी ने कहा कि काम हम करते हैं, लेकिन लाउडस्पीकर वे (भाजपा वाले) चला रहे हैं, क्योंकि उनके पास प्रचार तंत्र है।
इस दौरान महाराष्ट्र से आए एक अन्य आदिवासी नेता ने कहा कि कांग्रेस हमारे साथ है, संविधान हमारे साथ है, कानून हमारे साथ है, लेकिन जमीन पर उसे अमल में नहीं लाया गया, खासकर महाराष्ट्र में आदिवासी समुदाय उपेक्षित है। उन्होंने कहा कि अगर हमें आदिवासियों के हितों की रक्षा करनी है तो हमें एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी को भी साथ लेकर चलना होगा, तभी अपने अधिकारों की रक्षा कर सकेंगे और विकास कर सकेंगे। अन्यथा हम बंटकर रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज में सद्भाव के बिना विकास नहीं हो सकता।
बिहार में भाजपा की कठपुतली बना चुनाव आयोग
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कठपुतली बनने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह चुनाव आयोग कम और भाजपा का ‘चोरी आयोग’ ज्यादा नजर आता है। श्री गांधी ने सोशल मीडिया एक पर एक पोस्ट में गुरुवार को कहा कि बिहार में चुनाव आयोग मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर रंगे हाथ वोट चोरी करता पकड़ा गया। काम सिर्फ चोरी, नाम ‘एसआईआर’ पर्दाफाश करने वाले पर प्राथमिकी होगी। उन्होंने चुनाव आयोग को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आयोग अब भी ‘चुनाव आयोग’ है या पूरी तरह भाजपा की‘चुनाव चोरी’ शाखा बन चुका है।

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